गाजा युद्ध को रोकने के लिए मिस्र ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाटी ने गुरुवार को कहा कि काहिरा, कतर और तुर्की मिलकर हमास को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना स्वीकार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमास ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो संघर्ष और ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
पेरिस स्थित फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में बोलते हुए अब्देलाटी ने कहा कि अब हालात केवल 07 अक्टूबर की घटना तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि यह बदले की कार्रवाई से आगे बढ़कर “जातीय सफाए और नरसंहार” का रूप ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह समय है जब हमास को हथियार डालने होंगे ताकि इजराइल को और अधिक हमले करने का कोई बहाना न मिले।
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा में इजराइल की कार्रवाई में अब तक 66,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इन लगातार बढ़ते हताहतों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ गया है।
दरअसल, व्हाइट हाउस ने इस हफ्ते की शुरुआत में 20 सूत्रीय शांति योजना पेश की थी। इस प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम, हमास द्वारा बंधकों की रिहाई के बदले इजराइल की जेलों में बंद फिलिस्तीनियों की अदला-बदली, गाजा से चरणबद्ध इजराइली वापसी, हमास का निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय निकाय की देखरेख में एक संक्रमणकालीन सरकार जैसी शर्तें शामिल हैं। ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है कि इस योजना पर फैसला करने के लिए उनके पास केवल तीन से चार दिन का समय है।
मिस्र ने स्पष्ट किया है कि वह इस योजना को व्यवहारिक बनाने की कोशिश करेगा, लेकिन शासन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अभी और बातचीत की जरूरत है। अब्देलाटी ने दोहराया कि फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह फिलिस्तीनी मुद्दे का अंत होगा।
