हरियाणा पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के जासूसी नेटवर्क पर लगातार दूसरी कार्रवाई करते हुए हथीन उपमंडल के गांव कोट निवासी वसीम उर्फ वसीम अख्तर (पुत्र मकसूद अहमद) को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले कुछ दिन पहले इसी नेटवर्क से जुड़े तौफीक की गिरफ्तारी हुई थी। दोनों आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क में रहकर संवेदनशील जानकारियां दुश्मन देश को भेजते थे।
पिछले हफ्ते गिरफ्तार किए गए तौफीक के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स से कई ऐसे सबूत मिले थे, जिनसे पुष्टि हुई कि वह पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से लगातार संपर्क में था। वह सीमावर्ती इलाकों की तस्वीरें और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारियां भेज रहा था। शुरुआती पूछताछ में तौफीक ने माना कि उसे इसके बदले पैसों का लालच दिया गया था।
तौफीक से हुई पूछताछ और उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में वसीम का नाम सामने आया। पुलिस ने गुप्त कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि वसीम भी लंबे समय से इस जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है और लगातार जानकारी साझा करता रहा है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपी मामूली पैसों के लालच में देशद्रोही गतिविधियों में शामिल हो गए। अधिकारियों को शक है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक किन-किन संवेदनशील जानकारियों को लीक किया गया और इस नेटवर्क के तार कहाँ तक फैले हैं।
गांव कोट और आसपास के इलाकों में इस गिरफ्तारी से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने कहा कि आम दिखने वाले लोग देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होंगे, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
जिला पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा कि देश के खिलाफ काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जासूसी के हर मामले में सख्त कार्रवाई होगी और खुफिया एजेंसियां इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही हैं।