पत्रकार राजीव मौत प्रकरण: उत्तरकाशी पुलिस ने बनाई एसआईटी, सभी पहलुओं की होगी जांच

स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप की संदिग्ध मौत के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने **एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम)** का गठन कर दिया है। यह टीम पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार की अध्यक्षता में काम करेगी और सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल सहित उन सभी लोगों के बयान दर्ज करेगी, जो राजीव के साथ आखिरी बार देखे गए थे।

डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि मृतक पत्रकार के परिवार ने पुलिस को धमकी भरे फोन कॉल्स की जानकारी दी है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों से मिले इनपुट ने भी परिवार की आशंकाओं को और गहरा किया है।

राजीव के चाचा और पनोथ गांव के प्रधान कृपाल सिंह ने कहा कि मौत पानी भरने या दम घुटने से नहीं, बल्कि **आंतरिक चोटों (Internal Injuries)** से हुई है। यह तथ्य एसपी उत्तरकाशी के बयान में भी सामने आया है। ऐसे में हत्या की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि करीब 13 दिन पहले राजीव प्रताप लापता हुए थे। उनका वाहन गंगोरी इलाके में मिला था, जबकि दो दिन पहले उनका शव जोशियाड़ा बैराज से बरामद हुआ। परिजनों का कहना है कि जब शव मिला तो उस पर कपड़े नहीं थे, जबकि अगर मौत कई दिन पहले डूबने से हुई होती तो कपड़े सड़-गल जाते, परंतु ऐसा नहीं हुआ। इससे डूबकर मरने की आशंका कमजोर हो जाती है।

राजीव के पिता मुरारी लाल ने शासन-प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि मामले की **सीबीआई जांच** होनी चाहिए।

इधर पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल ने बताया कि परिजनों की हत्या की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी बिंदुओं पर विवेचना जारी है।

 

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