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106वीं भव्य रामलीला में दशरथ का मार्मिक अभिनय, दर्शकों की आंखें हुईं नम

रुड़की। बीटीगंज में चल रहे 106वें भव्य रामलीला महोत्सव के सातवें दिन धार्मिक और सांस्कृतिक रंग से सरोबार मंचन हुआ। इस दौरान केवट संवाद, गंगा पार, सुमंत वापसी, दशरथ मृत्यु, भरत–कैकई संवाद तथा राम–भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया।

रामलीला का शुभारंभ श्री रामलीला समिति बीटीगंज (रजि.) द्वारा प्रभु श्रीराम की आरती और गणेश वंदना से किया गया। मंच पर कलाकारों ने जीवंत अभिनय से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। खासतौर पर केवट और राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे कलाकारों ने ऐसा असर छोड़ा कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। दशरथ के पुत्र वियोग में प्राण त्यागने का दृश्य इतना मार्मिक रहा कि उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

मंचन के बीच व्यापारी नेता अरविंद कश्यप और प्रमोद जोहर ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीलाएं हमारी संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक हैं। यह न केवल समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ती हैं।

इस अवसर पर सौरभ सिंघल, मनोज अग्रवाल, शशिकांत अग्रवाल, विशाल गुप्ता, नवनीत गर्ग, पार्षद राकेश गर्ग, पूर्व पार्षद संजय कश्यप, शक्ति राणा, प्रदीप परूथी, दीपक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। आयोजन समिति ने मंच पर उपस्थित अतिथियों एवं पत्रकारों का सम्मान भी किया।

रात्रि तक चले इस मंचन ने श्रद्धालुओं को भक्ति और भावनाओं के रस में सराबोर कर दिया।

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