जुबीन के सम्मान में आरजीयू स्थापित करेगा प्रतिमा, छात्रवृत्ति और उनकी कृतियों पर पुस्तक प्रदान कर सम्मानित करेगा
सत्यनारायण मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार
गुवाहाटी। चर्चित शिक्षा संस्थान असम रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (आरजीयू) ने प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की स्मृति को अमर बनाने के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाये है। इनमें उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना, उनके जीवन और कृतियों पर अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति की स्थापना और उनके चुनिंदा गीतों के अंग्रेजी अनुवादों वाली एक पुस्तक का प्रकाशन शामिल है।
आरजीयू के कुलाधिपति डॉ. अशोक कुमार पंसारी ने कहा है कि, “हमारा विश्वविद्यालय प्रतिमा की डिज़ाइन को अंतिम रूप देने के लिए देश के प्रतिष्ठित मूर्तिकारों के संपर्क में है। ये पहल संगीत और संस्कृति में जुबीन गर्ग के अद्वितीय योगदान के प्रति हमारी विनम्र श्रद्धांजलि हैं। आरजीयू आने वाली पीढ़ियों के लिए इस महान हस्ती की स्मृति को संजोये रखने के लिये जल्द ही कुछ और कार्यक्रमों की भी घोषणा करेगा।”
यूनिवर्सिटी के भूपेन हजारिका सेंटर फॉर क्रिएटिविटी के एमेरिटस प्रोफेसर और अध्यक्ष प्रो. अमरज्योति चौधरी ने कहा, “यह बहुत ही उचित है कि विश्वविद्यालय ने ज़ुबीन गर्ग की स्मृति को उचित रूप से संरक्षित करने के लिए ऐसे उपाय शुरू करने का निर्णय लिया है। उनकी विरासत पीढ़ियों तक चलती रहेगी और युवा मन को प्रेरित करती रहेगी।”
आरजीयू के कुलपति प्रो. एके बूढ़ागोहाईं के मुताबिक, ज़ुबीन गर्ग न केवल एक संगीत प्रतिभा थे, बल्कि लोगों की आवाज़ भी थे। इन पहलों के माध्यम से, हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि उनके दर्शन, रचनात्मकता और कला को सीखने एवं प्रेरणा का स्रोत बनाया जाये। उन्होंने कहा कि यह हमारे छात्रों को असम की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और उन्हें वैश्विक मंच से जोड़ने का एक तरीका है।

