हिमाचल में फिर कहर: कुल्लू में घर ढहे, पीएम करेंगे नुकसान का जायजा

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बीती रात कुल्लू जिले के निरमंड उपमंडल की ग्राम पंचायत घाटू के शर्मानी गांव में भूस्खलन से बड़ा हादसा हो गया। देर रात करीब 1:30 बजे दो मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं। उनकी तलाश जारी है।

ग्रामीणों की मदद से तीन लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतका की पहचान ब्रेसती देवी (पत्नी शिव राम) के रूप में हुई है। वहीं चुन्नी लाल, अंजू, जागृति और पुपेश मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं। हादसे के वक्त शिव राम घर के बरामदे में सो रहे थे, जिससे उनकी जान बच गई, हालांकि वे गंभीर रूप से घायल हैं।

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं। पीएम मोदी हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा लेंगे और कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इधर, मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। 9 से 14 सितंबर तक प्रदेश में मॉनसून की रफ्तार धीमी रहेगी और भारी बारिश की संभावना नहीं है। केवल कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।

प्रदेश आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, इस बार मॉनसून सीजन ने अब तक भारी तबाही मचाई है। 370 लोगों की मौत हो चुकी है और 41 लोग लापता हैं। हादसों में 434 लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा मौतें मंडी (61), कांगड़ा (51) और चंबा (43) में दर्ज की गई हैं।

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कुल 744 सड़कें बंद हैं, जिनमें से 225 अकेले कुल्लू जिले में हैं। बिजली व्यवस्था भी ठप है, राज्य में 959 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। 472 पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं।

अब तक 1204 मकान पूरी तरह ढह चुके हैं और 5140 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सार्वजनिक संपत्ति को 4122 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मानसून में अब तक 136 भूस्खलन, 95 बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.