राष्ट्रीय अध्यक्ष के एलान के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार संभव

हाईकमान का फोकस नए मंत्री के बजाय दायित्व आवंटन पर ज्यादा

प्रेमचंद अग्रवाल भी मंत्री बनने की दौड़ में शामिल

आशीष सिंह

नई दिल्ली/ देहरादून। क्या मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल विस्तार को भाजपा हाईकमान की अनुमति मिल गई है। मंत्रिमंडल विस्तार की बात उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट तथा सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोनों ने अपने अपने तरीके से दिए हैं।

हालांकि इसके पहले भी कई बार मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें आई और गई। लेकिन इस बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीते कई माह से हाईकमान से मंत्रिमंडल विस्तार पर मुहर लगवाने के लिए प्रयास भी कर रहे हैं।

संभव है कि भाजपा हाईकमान धामी के मंत्रिमंडल के प्रस्ताव पर मुहर भी लगा दे। दिल्ली में धामी के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा काफी जोरों पर है। चाणक्य मंत्र को मिली जानकारी के मुताबिक यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो पूरे के पूरे पद नहीं भरे जाएंगे।

बमुश्किल रिक्त 5 पदों में से कम से कम तीन या चार मंत्रियों के रिक्त पद भरे जा सकते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि बीते दिनों भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री ( संगठन) बीएल संतोष से भी नए दायित्वधारी तथा नए मंत्री बनाने को लेकर बातचीत की है।

भरोसेमंद सूत्रों ने दावा किया कि उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने 7 विधायकों के नाम बीएल संतोष के सामने पेश किया है। माना जा रहा है कि इन नामों में से ही तीन- चार विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन नामों में पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का नाम भी शामिल है।

बताते चलें कि विवादास्पद टिप्पणी की वजह से प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से हाथ भी धोना पड़ा था। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार पर भाजपा हाईकमान का रूख अभी क्लीयर नहीं है। हां ,दायित्वधारियों की सूची पर मुहर लगने की संभावना कुछ ज्यादा ही दिखाई पड़ रही है।

दरअसल भाजपा हाईकमान यह चाह रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार फिलहाल रोका जाए क्योंकि अभी भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की भी घोषणा होनी है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि नए अध्यक्ष की घोषणा के बाद ही उत्तराखंड में धामी मंत्रिमंडल के विस्तार की संभावना है।

हाईकमान का फोकस दायित्व आवंटन पर दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषक भी यह मानकर चल रहें हैं कि भाजपा हाईकमान मंत्रिमंडल विस्तार के पक्ष में तो है।लेकिन वह जल्दबाजी में नहीं है। हाईकमान चाहता है कि मंत्रिमंडल विस्तार में हर गुट के दिग्गजों के चहेते विधायकों को मंत्री बनाया जाए ताकि भविष्य में पार्टी के अंदर खींचतान नहीं बढ़े। धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों के 5 पर रिक्त पड़े हुए हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.