उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे पर एक बार फिर भू-धसाव का खतरा गहराने लगा है। चमोली जिले के मैठाणा के पास करीब 30 मीटर सड़क धस गई है, जिससे हाईवे के वाशआउट होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन और एनएचआईडीसीएल की टीमें मौके पर पहुंचकर सड़क को दुरुस्त करने के प्रयास कर रही हैं।
दरअसल, पिछले दो वर्षों पूर्व भी इस स्थान पर बड़ा भू-धसाव हुआ था और हाईवे का बड़ा हिस्सा बह गया था। उस समय एनएचआईडीसीएल ने भराव कर सड़क को पुनर्निर्मित किया था और ब्लैकटॉप बिछाकर वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी गई थी। लेकिन इस बार भारी बारिश ने फिर से मुसीबत खड़ी कर दी है और सड़क पर गहरी दरारें पड़ गई हैं।
शुक्रवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) चमोली राजकुमार पांडेय ने एनएचआईडीसीएल अधिकारियों के साथ धंसे हुए हिस्से का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि हाईवे के नीचे अलकनंदा नदी बह रही है और नदी का कटाव सीधे सड़क पर असर डाल रहा है। यही वजह है कि यहां बार-बार भू-धसाव की स्थिति बन रही है।
पूर्व में यहां पर सुरक्षा दीवार भी बनाई गई थी, लेकिन इस बार की बारिश ने एक बार फिर से उसे कमजोर कर दिया है। प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। फिलहाल जहां सड़क धसी है, वहां भराव करके वाहनों की आंशिक आवाजाही बहाल की जा रही है।
एसडीएम पांडेय ने कहा कि बरसात समाप्त होते ही यहां पर हाईवे के स्थायी सुधार का कार्य किया जाएगा। तब तक अस्थायी मरम्मत से यात्रियों को राहत देने की कोशिश की जाएगी।
स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए यह जगह लगातार जोखिमपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि यहां हर बारिश में सड़क का हिस्सा धसने का खतरा बना रहता है।