गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाला बुआखाल–धुमाकोट–रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग आपदा के कारण टूटे पुल की वजह से कई दिनों से बंद था। अब इस मार्ग पर कलगड़ी में बैली ब्रिज का निर्माण तेज़ी से जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल हो जाएगी।
हाल ही में गदेरे में आई बाढ़ से वर्ष 1970 में बना मोटर पुल ध्वस्त हो गया था। पुल टूटने से पौड़ी जिले के पैठाणी, थलीसैंण, चाकीसैण, त्रिपालीसैण, भरसार, बीरोंखाल और धुमाकोट क्षेत्र का जिला मुख्यालय व कुमाऊं मंडल के रामनगर क्षेत्र से सड़क संपर्क टूट गया था। इस वजह से ग्रामीणों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं की त्वरित बहाली के निर्देश दिए थे। सीएम के आदेशों का पालन करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, धुमाकोट) ने बैली ब्रिज निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया।
लोक निर्माण विभाग ने बताया कि ध्वस्त पुल 20 मीटर लंबा था, लेकिन इस बार 45 मीटर लंबा बैली ब्रिज तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, इस स्थल पर 25 मीटर सड़क भी क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसकी मरम्मत और चौड़ीकरण भी किया जा रहा है। पुल का स्पान बढ़ाकर इसे और मजबूत बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी आपदा से बड़ा नुकसान न हो।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि कलगड़ी में बैली ब्रिज का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है और अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में पुल पर छोटे वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा। पुल तैयार होने के बाद न सिर्फ जनजीवन सामान्य होगा बल्कि व्यापार और आवागमन भी पूर्व की भांति बहाल हो जाएगा।
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