देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की विशेष बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों को सुगमता से मिले, इसके लिए ऋण वितरण और बीमा दावों (क्लेम) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि पर्वतीय जनपदों में ऋण जमा अनुपात (CD Ratio) बढ़ाने के लिए ठोस और प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य का ऋण जमा अनुपात 54.26% है, जिसे 60% तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
CD रेशियो में सुधार के लिए व्यापक प्रयास की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऋण जमा अनुपात में वृद्धि आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों जैसे टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी और बागेश्वर में। इन क्षेत्रों में बैंकों की सक्रियता बढ़ाकर स्वरोजगार, कृषि, पशुपालन, और लघु उद्योगों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि अक्टूबर माह में सभी जिलों में वृहद स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं, जहां एक ही स्थान पर विभिन्न विभाग और बैंक मिलकर जन समस्याओं का समाधान करें और लाभार्थियों को योजनाओं से सीधे जोड़ें।
कृषि और स्वरोजगार योजनाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में बताया गया कि कृषि क्षेत्र में भी सराहनीय प्रगति देखी गई है। राज्य के 6,10,636 किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा का लाभ लिया है, जिनमें से 67% छोटे और सीमांत किसान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में और तेजी से काम करने की आवश्यकता है ताकि सभी पात्र किसान इस योजना से लाभान्वित हो सकें।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत भी लगातार तीन वर्षों से बेहतर प्रदर्शन रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं और उद्यमियों को स्वावलंबन की दिशा में मदद मिल रही है।
बैंकिंग क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियां
बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को प्रस्तुत किया गया:
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत प्रति लाख पर 48,000 व्यक्तियों को बीमा कवरेज मिला है, जो राष्ट्रीय औसत 40,000 से अधिक है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में प्रति लाभार्थी औसत ऋण राशि ₹93,900 रही, जो कि राष्ट्रीय औसत ₹62,686 से काफी अधिक है।
प्रधानमंत्री जन–धन योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 39 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो पर्वतीय राज्यों में सर्वाधिक है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अग्रिमों में 10.26% और जमा में 9.09% की वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य के 70.23% स्वयं सहायता समूह (SHG) का बैंकों के साथ क्रेडिट लिंक हुआ है और पिछले तीन वर्षों में SHG की संख्या में 21% वृद्धि हुई है।
वित्तीय समावेशन पर विशेष बल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में वित्तीय समावेशन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग, ई–गवर्नेंस और वन–स्टॉप सॉल्यूशन जैसी अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश कुमार झा, राधिका झा, श्रीधर बाबू अदांकी, आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर अरविंद कुमार, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक देवाशीष मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली सहित राज्य के प्रमुख बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।