संयुक्त राष्ट्र में भारत का तीखा हमला: “पाकिस्तान बच्चों पर अत्याचार और आतंकवाद से ध्यान भटका रहा है”
संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए पड़ोसी देश को करारा जवाब दिया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने कहा कि पाकिस्तान न केवल संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रियाओं पर अनुचित आक्षेप लगा रहा है, बल्कि अपने “नापाक एजेंडे” के तहत भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
यह बयान बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आयोजित खुले सत्र में दिया गया, जिसका विषय था – “बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों को समाप्त करने और रोकने के लिए प्रभावी रणनीति”। हरीश ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह स्वयं बच्चों के अधिकारों का गंभीर हनन कर रहा है, जैसा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की रिपोर्ट में भी उजागर किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 99 गंभीर उल्लंघनों की घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 86 बच्चे पीड़ित थे। इनमें 27 लड़के, 14 लड़कियां और 45 की लैंगिक पहचान अज्ञात है। स्कूलों, विशेषकर लड़कियों के स्कूलों, स्वास्थ्य कर्मियों और अफगान सीमा से लगे क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ हुई हिंसा को लेकर महासचिव ने गहरी चिंता जताई है।
राजदूत हरीश ने यह भी याद दिलाया कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी और पाकिस्तान-प्रशिक्षित आतंकवादियों ने हमला कर 26 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली थी। इस भयावह घटना के बाद सुरक्षा परिषद ने 25 अप्रैल को एक प्रेस वक्तव्य जारी कर दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने की मांग की थी।
हरीश ने बताया कि मई 2025 में पाकिस्तानी सेना द्वारा जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों पर गोलाबारी की गई, जिसमें कई निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए। उन्होंने इस पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की ‘उपदेश देने की प्रवृत्ति’ को “घोर पाखंड” करार दिया।
अंत में, भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और रहेगा, चाहे पाकिस्तान कितना भी मिथ्या प्रचार क्यों न करे।