क्लोरोक्वीन की गोली बनी जानलेवा? 7 साल की बच्ची की मौत, 52 बीमार

आंध्र प्रदेश के पल्लावरम जिले में मलेरिया से बचाव के लिए दी गई क्लोरोक्वीन की गोलियां खाने के बाद एक दर्दनाक घटना सामने आई है। तेलंगाना सीमा से सटे गोलागुप्पा गांव में एंटी-मलेरिया दवा के सेवन के बाद एक सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि 52 अन्य लोग बीमार पड़ गए। मृत बच्ची की पहचान माडिवी जमुना के रूप में हुई है। वह दूसरी कक्षा में पढ़ती थी।

अधिकारियों के मुताबिक, गांव में मलेरिया की रोकथाम के लिए कुल 71 लोगों को क्लोरोक्वीन की गोलियां दी गई थीं। दवा खाने के कुछ समय बाद ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। लोगों को उल्टी, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया।

प्रशासन ने प्रभावित लोगों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों ने 29 मरीजों को तेलंगाना के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया, जबकि 24 अन्य मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भेजा गया। फिलहाल अन्य मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने और बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, दवा के सेवन के बाद ही तबीयत बिगड़ने की घटना सामने आई है, लेकिन बच्ची की मौत और अन्य लोगों के बीमार पड़ने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और प्रभावित लोगों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब दवा के वितरण, सेवन और मरीजों की तबीयत बिगड़ने के कारणों की जांच में जुटा है।

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