ईरान-इजराइल संघर्षविराम पर संकट, मिसाइल हमलों से फिर भड़की जंग
रिपोर्ट: इंटरनेशनल डेस्क
संक्षेप में:
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संघर्षविराम के घंटों बाद इजराइल पर मिसाइल हमले
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तेहरान पर इजरायली जवाबी कार्रवाई के निर्देश
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ट्रंप की मध्यस्थता से हुआ समझौता खतरे में
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कम से कम 4 लोगों की मौत, सैकड़ों विस्थापित
संघर्षविराम के तुरंत बाद बिगड़े हालात
पश्चिम एशिया में जारी 12 दिनों की जंग को थामने के लिए मंगलवार सुबह इजराइल और ईरान ने संघर्षविराम को स्वीकार किया था। लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर उत्तरी इजराइल में विस्फोटों की आवाजें गूंजने लगीं और मिसाइल सायरन बजने लगे। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
इजराइल ने दावा किया कि ईरान ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए उसके हवाई क्षेत्र में कई मिसाइलें दागी हैं।
इजरायली जवाबी रणनीति
इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने इसे सीधा हमला करार देते हुए सेना को निर्देश दिए कि वह ‘‘तेहरान पर गहन अभियान चलाकर शासन के ठिकानों और आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट करे।’’
इजरायली सेना ने कुछ ही घंटों में ईरान पर हवाई हमले तेज कर दिए। वहीं इजराइल के वित्त मंत्री बेत्ज़ेल स्मोट्रिच ने ‘एक्स’ पर लिखा, “तेहरान कांप उठेगा।“
अमेरिका की भूमिका और ट्रंप की पहल पर खतरा
संघर्षविराम की यह पहल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर अस्थायी शांति पर सहमति जताई थी। लेकिन मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई से यह पहल अब विफल होती दिख रही है।
ईरान का जवाबी हमला और जान-माल का नुकसान
सोमवार देर रात ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं। इसके बाद मंगलवार सुबह ईरान ने इजराइल पर भी मिसाइल हमले किए, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए।
इजरायल ने कहा कि उसने हमलों के तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई को रोक दिया था, लेकिन ताज़ा घटनाओं से साफ है कि तनाव फिर से चरम पर पहुंच चुका है।
क्या अब पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रहा है क्षेत्र?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ समन्वय कर संघर्षविराम को मंजूरी दी थी। लेकिन अब उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो इजरायल अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।
स्थिति लगातार बदल रही है और फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि क्षेत्र शांति की ओर जाएगा या एक और युद्ध की ओर।