‘नवा उमंग’ कार्यक्रम में किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण पर हुआ विमर्श
रांची, झारखंड।
झारखंड सरकार किशोरियों के सर्वांगीण विकास को लेकर गंभीर है और इसी दिशा में मंगलवार को रांची में ‘नवा उमंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) की ‘उमंग परियोजना’ और पीसीआई इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें राज्य की ग्रामीण किशोरियों के समक्ष मौजूद सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किशोरियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा, “हमारी बेटियां अब केवल सपने नहीं देखतीं, बल्कि उन्हें साकार करने की क्षमता भी रखती हैं। लेकिन आज भी वे एनीमिया, बाल विवाह, शिक्षा से वंचित रहने और सुरक्षित रोजगार के अभाव जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं।”
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में किशोरियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें समान अवसर और सशक्त भविष्य प्रदान करना है।
‘उमंग’ परियोजना को बताया प्रभावशाली पहल
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि किशोरियों को सशक्त करने के लिए मां-बेटी के संवाद को मजबूत करना बेहद जरूरी है। ‘उमंग’ परियोजना इस दिशा में एक प्रभावशाली पहल है, जो किशोरियों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
वक्ताओं ने यह भी बताया कि झारखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी बाल विवाह और शिक्षा की असमान पहुंच जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिन पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता में बेटियों का भविष्य
दीपिका पांडेय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा सामाजिक वातावरण बनाना है, जिसमें बेटियां खुलकर सोच सकें, निर्भय होकर अपने विचार रख सकें और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने कहा कि नवा उमंग जैसे आयोजनों से बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और यह प्रयास राज्य के भविष्य को मजबूत करेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण समुदाय की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।