सत्ताधारी भाजपा के ही विधायक लगा रहे मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्हः- डॉ. प्रतिमा सिंह

देहरादून :प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने लैन्स डाउन विधायक दिली रावत द्वारा विधानसभा सत्र का वहिष्कारा किये जाने की धमकी पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की कार्यप्रणाली पर विपक्ष और जनता तो लम्बे समय से सवाल उठा ही रही थी परन्तु अब सत्ताधारी दल के विधायक भी मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि पहले धर्मपुर विधायक विनोद चमोली द्वारा सरकार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए प्रोटोकॉल निर्धारित कराये जाने की मांग की और अब लैन्सडाउन विधायक दिलीप रावत द्वारा वन अधिनियम में संशोधन के लिए एक दिन का विशेष सत्र न बुलाये जाने पर विधानसभा सत्र के वहिष्कार की घोषणा कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर साबित कर दिया है कि विपक्ष द्वारा सरकार पर नकारेपन के जो आरोप लगाये जा रहे थे वे साही हैं। उन्होंने कहा कि विगत 3 साल में भाजपा सरकार ने केवल जनता के भावनात्मक मुद्दों से खेलने का काम किया है तथा पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में एक भी विकास का कार्य परवान नही चढ़ पाया है। उत्तराखण्ड की धामी सरकार ने केवल केन्द्र की मोदी सरकार का अनुसरण करते हुए केवल जनता को झूठे वादे और जुमलों में फंसाने का काम किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में जनता के जल-जंल औज जमीन के हक हकूकों पर सरकार ने प्रतिबन्ध तो लगाया है परन्तु यदि कोई जंगली जानवर किसी को नुकसान पहुंचाता है तो सरकार पीडित परिवार को समुचित मुआबजा तक नहीं देती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का अधिकतर भाग वनाच्छादित है तथा इसका देश के ही नहीं विश्व के पर्यावरण संरक्षण में बहुत बड़ा योगदान है जिसके चलते कांग्रेस पार्टी लम्बे समय से केन्द्र की मोदी सरकार से ग्रीन बोनस दिये जाने की मांग करती आ रही है परन्तु केन्द्र सरकार ने अभी तक इस पर कोई विचार नहीं किया इसके विपरीत आज भाजपा सरकारों द्वारा अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने के लिए उत्तराखण्ड जैसे सौहार्दपूर्ण राज्य को जाति व धर्म में बांटने की कुचेष्टा की जा रही है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव के समय मुख्यमंत्री धामी ने जनता से वादा किया था कि प्रदेश में सशक्त भू कानून लाया जायेगा परन्तु चुनाव जीतने के बाद उनका वादा चुनावी जुमले में बदलता नजर आ रहा है तथा उत्तराखण्ड की वेशकीमती जमीनें बेखौफ बिकती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार से आम जनता और विपक्ष ही नहीं अब सत्ताधारी दल के विधायक भी आजिज आ चुके हैं तथा उनमें भी विरोध के स्वर उठने शुरू हो गये हैं।

 

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