नयी दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से सुखोई -30 विमानों के लिए 26,000 करोड़ रुपये की लागत से 240 ए एल -31 एफ पी एयरो इंजन की खरीद के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी की मौजूदगी में रक्षा मंत्रालय और एच ए एल के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
इन एयरो इंजन का निर्माण एचएएल के कोरापुट डिवीजन में किया जाएगा और इनसे सुखोई-30 विमानों के बेड़े की संचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए वायु सेना की आवश्यकता पूरा होने की उम्मीद है। अनुबंध के अनुसार एचएएल प्रति वर्ष 30 एयरो-इंजन की आपूर्ति करेगा और सभी 240 इंजनों की आपूर्ति अगले आठ वर्षों की अवधि में पूरी कर ली जाएगी।