लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन और लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA ) ने मंगलवार को प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा ( LET) की एक शाखा से जुड़े तीन और लोगों के खिलाफ साजिश रचने जम्मू-कश्मीर में चिपचिपे बम, आईईडी और छोटे हथियारों का उपयोग करके हिंसक आतंकवादी हमलों की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

आरोपपत्र में शामिल आरोपियों में पाकिस्तानी नागरिक हबीबुल्ला मलिक उर्फ साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्ला उर्फ नूमी उर्फ नुमान उर्फ लंगड़ा उर्फ अली साजिद उर्फ उस्मान हबीब उर्फ शनि शामिल है, जो पाक पंजाब के कसूर जिले का रहने वाला है। वह पुंछ और राजौरी जिलों में विभिन्न आतंकवादी हमलों में शामिल पाया गया है।

जानकारी के मुताबिक कश्मीर के शोपियां के रहने वाले हिलाल याकूब देवा उर्फ सेठी सोआब और मुसिआब फैयाज बाबा उर्फ शोएब उर्फ जरार के साथ हबीबुल्ला का नाम आज एनआईए की विशेष अदालत, जम्मू के समक्ष दायर पूरक आरोप पत्र में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत शामिल किया गया है।

जांच में यह सामने आया कि तीनों ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से क्षेत्र में सुरक्षा बलों और अन्य लोगों पर आतंकवादी हमले करने की साजिश रची थी। हबीबुल्लाह मलिक, जिसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के एक सक्रिय कमांडर के रूप में की जाती है, उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए कमजोर कश्मीरी युवाओं को टीआरएफ/एलईटी में शामिल होने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एनआईए के निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि हबीबुल्लाह ने शोपियां के हिलाल और मुसियाब को कट्टरपंथी बनाया, जिन्होंने बाद में उसके निर्देशन में ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के रूप में काम किया. ये ओजीडब्ल्यू जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों का समर्थन करने के लिए धन और हथियार इकट्ठा करने और परिवहन करने में शामिल थे।

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