कैबिनेट सचिव ने ली राहत और बचाव उपायों की जानकारी

नयी दिल्ली । राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary ) राजीव गौबा की अध्यक्षता में सोमवार को यहां एक बैठक में सिक्किम में बाढ (Floods in Sikkim ) की स्थिति की समीक्षा की।

सिक्किम के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में सड़क संपर्क स्थापित हो चुका है और मौसम में सुधार के चलते फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज सुबह 80 लोगों को निकाला गया है।

साथ ही उन्होंने राहत और बचाव  (relief) उपायों के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि 28 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं तथा उनमें 6,800 से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, दवाएं और रसोई गैस सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है।

मौसम विभाग के महानिदेशक ने समिति को बताया कि 11 से 13 अक्टूबर तक मौसम अनुकूल रहने की संभावना है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (National Disaster Response Force) के महानिदेशक ने बताया कि बचाव और राहत कार्यों के लिए राज्य में 6 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, तीन टीमें सिलीगुड़ी में तैयार खड़ी हैं। सेना और वायु सेना की टीमें बचाव और सुविधाओं की बहाली के प्रयासों में राज्य की सहायता के लिए तैनात की गई हैं।

गृह सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार उच्चतम स्तर पर स्थिति पर 24 घंटे नजर रख रही है। उन्होंने समिति को बताया कि स्थिति का जायजा लेने के लिए अंतर मंत्रालयी समन्वय दल सिक्किम पहुंच गया है। सिक्किम सरकार को आवश्यक अतिरिक्त केंद्रीय सहायता जारी की जा रही है।

केंद्रीय एजेंसियों और सिक्किम सरकार ( Government of Sikkim)के राहत और बचाव उपायों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि कम से कम समय में लोगों को निकालना प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां पुल बह गए हैं वहां के लोगों के लिए सड़क संपर्क बहाल करने के लिए बेली ब्रिज को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाना चाहिए। कैबिनेट सचिव ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता और सहायता प्रदान करेगी।

बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, सिक्किम के मुख्य सचिव, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, सैन्य मामलों के सचिव, सदस्य, सचिव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा मोचन बल के महानिदेशक और गृह मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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