नयी शिक्षा नीति लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य: रवि नाथ रमन

देहरादून। सरस मेले में आपका बिज़नेस सोल्यूशेंस द्वारा आयोजित सोशल अवयेरनेस प्रोग्राम के आखिरी दिवस के प्रथमचरण में शोध एवं विकास विशेषज्ञ और आपका बिज़ने ससोल्यूशेंस की संस्थापिका डॉ. कंचन नेगी ने दइंडियन कैम्ब्रिज स्कूल देहरादून दूनइंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ऋषिकेश, गुरुनानक गर्ल्ज़ पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें सर्वशिक्षा अभियान, नयी शिक्षा नीति, करियर गईडेस, पर्स ने लिटीडेवेलपमेंट और समाज में शिक्षा का महत्व के बारे में बच्चों को जानकारी दी, जिसके उपरांत सभी विद्यार्थियों ने सर्वशिक्षा अभियान, राईटटूएजुकेशन, गर्ल एजुकेशन इज़मस्ट, एजुकेश नइज़द की टूसक्सेस विषयों पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।

वहीं दूसरी ओर, सोशल अवयेरनेस कार्यक्रम के दूसरे चरण में मुख्य अतिथि रहे सचिव शिक्षा रविनाथ रमन और विशिष्ट अतिथि रहे शिक्षा महानिदेशक बंसीधर तिवारी और जिला शिक्षा अधिकारी मुकुलसती, जिन्हों ने सोशल अवयेरनेस प्रोग्राम मेंउ पस्थित बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
सचिव शिक्षा रविनाथ रमन ने अपने सम्बोधन में कहा कि अत्यंतगर्व की बात है कि नयी शिक्षा नीति लागू करनेवाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है और आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका कक्षाओं में बच्चों को नई राष्ट्रीय शिक्षानीति के तहत पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बच्चों को सिविलसर्वि सेज़ की तैयारी कैसे करें, इस पर भी टिप्स दिए और कहा कि सच्ची मेहनत और लगन से ही गन्तव्य तक पहुंचा जा सकते है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी कोचिंग नहीं ली, बिरलाइंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनिय्ररिंग करने के बाद बिना किसी कोचिंग के पहले बार में ही सिविल सर्विसेज़ की परीक्षा में सफलता पाई। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि सर्व शिक्षा अभियान का कार्यान्वेयन वर्ष2000-2001 से किया जार हा है जिसका उद्देश्य कसार्व भौमिक सुलभता एवं प्रतिधारण, प्रारंभिक शिक्षा में बालक-बालिका एवं सामाजिक श्रेणी के अंतरों को दूर करने तथा अधिगम की गुणवत्ता में सुधार हेतु विविध अंत: क्षेपों में अन्य बातों के साथ-साथ नए स्कूाल खोला जाना तथा वैकल्पिक स्कूली सुविधाएं प्रदान करना, स्कूकलों एवं अतिरिक्त-कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाना, प्रसाधन-कक्ष एवं पेयजल सुविधा प्रदान करना, अध्याापकों का प्रावधान करना, नियमित अध्यापकों का सेवाकालीन प्रशिक्षण तथा अकादमिक संसाधन सहायता, नि:शुल्क मपाठ्य-पुस्तत कें एवं वर्दियां तथा अधिगमस्तकरों/परिणामों में सुधार हेतु सहायता प्रदान करना शामिल है।
और इसीके साथ उन्होंने इस आयोजन की भी बेहद प्रशंसा की और साथ ही उपस्थित , शिक्षा महा निदेशक बंसीधर तिवारीऔर जिला शिक्षा अधिकारी मुकुलसती ने भी बच्चों को प्रोत्साहित किया। अंतमें, शोध एवं विकास विशेषज्ञ डॉ. कंचन नेगी ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अथितियों को स्मृतिचिन्ह भेंट कर उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।

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