25 वर्ष बाद भी नहीं खुल पाई एनसीसी बटालियन

बटालियन के अभाव से एनसीसी की गतिविधियों का नहीं हो रहा है विस्तार

चम्पवात । जिले की स्थापना के 25 वर्षो बाद भी यहां एनसीसी बटालियन कार्यालय नहीं खुल पाया है। इससे माध्यमिक एवं इंटर कालेजों में एनसीसी यूनिटों का विस्तार नहीं हो पा रहा है।

वर्तमान में जिले में 7 पीजी व डिग्री कालेजों के अलावा 44 जीआईसी तथा 61 हाईस्कूल हैं इसके अलावा दर्जनों प्राइवेट कॉलेज हैं।

लोहाघाट के पीजी कॉलेज, जीआईसी, जीजीआईसी, राजीव नवोदय, पाटी जीआईसी, चंपावत जीआईसी, यूनिवर्सल कान्वेंट, व जवाहर नवोदय विद्यालय में ही एनसीसी यूनिट कार्य कर रही है जिसमें 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं।

वर्तमान में एनसीसी बटालियन का कार्य जिला मुख्यालय से 75 किमी दूर पिथौरागढ$ से चल रहा है। सीमांत एवं सैनिक बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां के छात्र-छात्राओं की पहले से ही एनसीसी में शामिल होने की प्रबल इच्छा रही है लेकिन बटालियन न होने से अन्य विद्यालयों में एनसीसी नहीं खुल पाई।

जूनियर डिविजन एनसीसी तो मात्र लोहाघाट जीआईसी में ही है। अनुशासन व सी सर्टिफिकेट प्राप्त कैंडिटो में बिना लिखित परीक्षा के सेना में भर्ती होने, आईएमए देहरादून, चेन्नई आदि अकादमी में अफसर बनने के मौके मिलतें हैं।

जिले एनसीसी बटालियन होने से अधिकारियों की बलाबर नजर रहने, कैडिटों को समय-समय पर सैन्य व अन्य प्रशिक्षण मिलने के अलावा बटालियन से प्रशिक्षक भी मिलते रहतें हैं। समय-समय पर राज्य स्तर पर होने वाले साहसिक अन्य अभियानों के जरिए कैडेटों को एक-दूसरे को जानने से उनकी समझ का दायरा बढ़ जाता है।

बच्चों की प्रतिभा व क्षमता का प्रदर्शन करने का एनसीसी सशक्त माध्यम है। यहां के अधिकांश छात्र छात्राएं सैनिक पृष्ठभूमि के हैं जो अनुशासन एवं एनसीसी के जरिए अपना कैरियर बनाना चाहते हैं यहां एनसीसी बटालियन खोलने की लंबे समय से मांग चली आ रही है। वे जिलाधिकारी के माध्यम से शासन तक छात्रों की भावनाओं को पहुंचाएंगे।
-जितेन्द्र सक्सेना, मुख्य शिक्षाधिकारी।

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