हरिद्वार। जेल से रिहा होने के बाद अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला सनावर ने हर की पौड़ी पहुंचकर मां गंगा का पूजन किया और आशीर्वाद लिया। रिहाई के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने जेल में बंद बेबस और लाचार महिलाओं के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाने का संकल्प लिया।
उर्मिला सनावर ने वीडियो बयान जारी कर अपने जेल के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि इस बार वह दीपावली अपने घर पर मनाएंगी। जेल में रहने के दौरान उन्होंने ऐसी कई महिलाओं को देखा, जिनकी पीड़ा और आवाज बाहर तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने संकल्प जताया कि अब वह ऐसी महिलाओं के अधिकारों के लिए भी संघर्ष करेंगी, जिन्हें किसी का सहारा नहीं मिल पाता।
अपनी गिरफ्तारी को लेकर उर्मिला ने रानीपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि 25 अक्तूबर को पुलिस ने उन्हें घर से जबरन गिरफ्तार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए और उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। उन्होंने पुलिस पर निराधार मानहानि के मुकदमे दर्ज करने का भी आरोप लगाया।
उर्मिला ने कहा कि वह पिछले एक वर्ष से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रही हैं। इसी लड़ाई के चलते उन्हें रोशनाबाद जेल भेजा गया था। उन्होंने अपने संघर्ष को आगे भी जारी रखने की बात कही।
उत्तराखंड की जनता का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि लोगों के समर्थन और विश्वास ने उन्हें एक अभिनेत्री से क्रांतिकारी महिला बनने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि जनता का यह भरोसा उनके लिए बड़ी ताकत है और वह इसे व्यर्थ नहीं जाने देंगी।
रिहाई के बाद हर की पौड़ी पर गंगा पूजन के साथ उर्मिला ने अपने नए संकल्प का संदेश दिया। उन्होंने साफ किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं हैं।

