हैदराबाद, गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर सोमवार को हैदराबाद के प्रसिद्ध टैंक बंड क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति (बीजीयूएस) के सदस्यों ने टैंक बंड पहुंचकर प्रदर्शन किया और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) तथा पुलिस की ओर से लगाए गए लोहे के बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया। समिति की मांग है कि श्रद्धालुओं को टैंक बंड से हुसैन सागर झील में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति दी जाए।
समिति के सदस्यों का एक बड़ा समूह सोमवार को टैंक बंड पहुंचा। वहां उन्हें पुलिस और नगर निगम की ओर से लगाए गए लोहे के बैरिकेड्स के साथ बड़े फ्लेक्स बैनर दिखाई दिए। इन बैनरों में ऊपरी टैंक बंड मार्ग पर गणेश प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध की जानकारी दी गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बैरिकेड्स बिना पूर्व सूचना के अचानक लगाए गए हैं। इसके बाद कुछ सदस्यों ने हुसैन सागर झील की रेलिंग से बांधे गए बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारियों ने जीएचएमसी के खिलाफ नारेबाजी भी की। बाद में समिति के सदस्य विवेकानंद की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई और स्थिति पर नजर रखी गई।
भाग्यनगर गणेश उत्सव समिति के महासचिव रविनुथला शशिधर ने कहा कि श्रद्धालुओं को टैंक बंड पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उच्च न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है। समिति के अनुसार, रिपोर्ट में हुसैन सागर झील में गणेश विसर्जन से किसी तरह का प्रदूषण नहीं पाए जाने की बात कही गई है।
वहीं, प्रशासन की ओर से टैंक बंड पर विसर्जन को लेकर लगाए गए प्रतिबंध के कारण श्रद्धालुओं और आयोजकों में असंतोष देखा गया। गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस और नगर निगम की व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हो गई हैं। अब समिति की मांग और प्रशासन के फैसले के बीच आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।