नई दिल्ली, 19 सितंबर। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से पहले ही इसका असर कारोबारियों के बीच दिखाई देने लगा है। राजस्थान के अलवर में कई पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर कैश पेमेंट से जुड़े पोस्टर लगाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ पंप संचालक बड़े यूपीआई भुगतान लेने से बचते नजर आ रहे हैं।
आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अलवर में कुछ पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों से 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान यूपीआई के बजाय नकद करने के लिए कहा जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नए नियम को लेकर ग्राहकों और कारोबारियों के बीच अभी भ्रम की स्थिति है। कुछ ग्राहक बड़े भुगतान से बचने के लिए रकम को अलग-अलग ट्रांजेक्शन में भेजने की बात कह रहे हैं।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन भुगतान के लिए सामान्य 0.4 फीसदी MDR के बजाय फ्लैट 5 रुपये का MDR निर्धारित किया गया है। वहीं, सामान्य पात्र मर्चेंट लेनदेन में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन है।
नई व्यवस्था के तहत यह शुल्क ग्राहकों से नहीं, बल्कि संबंधित पात्र व्यापारियों से लिया जाना है। यानी यूपीआई से भुगतान करने वाले उपभोक्ता पर सीधे ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले यूपीआई लेनदेन भी इस MDR के दायरे में नहीं हैं। \
अलवर के पेट्रोल पंप संचालकों के बीच हालांकि नए शुल्क को लेकर अभी स्पष्टता का इंतजार है। कुछ संचालकों का कहना है कि अक्टूबर से व्यवस्था लागू होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। इस बीच कैश भुगतान के पोस्टर और बड़े ऑनलाइन भुगतान से बचने की प्रवृत्ति ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।