देहरादून। ‘राहुल मियां’ संबोधन को लेकर कांग्रेस की आपत्ति पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को ‘मियां’ शब्द पर आपत्ति क्यों है, यह समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर को सनातनी समाज पहले से समझता है और अब मुस्लिम समाज को भी इसे समझना चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून और अवैध धार्मिक अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर अलग-अलग समय में विरोध करती रही है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि इन विषयों पर उसका रुख क्या रहा है और किन परिस्थितियों में पार्टी ने अपने पक्ष में बदलाव किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अवैध मदरसों और प्रदेश की जनसांख्यिकी से जुड़े विषयों पर भी सरकार के कदमों का विरोध या सवाल उठाने का काम किया। हालांकि, ये सभी आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं।
भट्ट ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग राज्यों और मुद्दों पर अपना रुख बदलती रही है। उन्होंने राम मंदिर और मुस्लिम तुष्टिकरण से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सनातन विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया।
‘मियां’ शब्द को लेकर कांग्रेस नेताओं की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भट्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत के पुराने बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से इस शब्द को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं और यह उनकी राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है।
भट्ट ने कहा कि चुनावी माहौल में कांग्रेस भले ही अपनी राजनीतिक छवि बदलने का प्रयास करे, लेकिन जनता उसके पुराने रुख और नीतियों को भूली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता राजनीतिक दलों के बयानों और उनके वास्तविक रुख के बीच अंतर को समझती है।