उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शुक्रवार को विकास भवन परिसर में संचालित ‘सखी’ वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही आपातकालीन सहायता, परामर्श, चिकित्सीय सेवाओं और अस्थायी आश्रय व्यवस्था का जायजा लेते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेंटर परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा इंतजाम और पीड़िता कक्ष की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र प्रशासक से कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति पंजिका, केस फाइलों और प्रबंधन सूचना प्रणाली में दर्ज आंकड़ों की जानकारी भी ली। डीएम ने कहा कि केंद्र में आने वाली महिलाओं को तत्काल और संवेदनशील सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने केंद्र में तैनात परामर्शदाता से संवाद कर पीड़ित महिलाओं की काउंसलिंग, केस असेसमेंट और फॉलो-अप प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने मानसिक आघात से गुजर रही महिलाओं को भावनात्मक संबल देने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन और हेल्पलाइन नेटवर्क के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
चिकित्सीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने पैरामेडिकल स्टाफ, प्राथमिक उपचार सुविधाओं और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे सक्रिय और चुस्त-दुरुस्त रखने को कहा।
जिलाधिकारी ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।