नई दिल्ली। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भवनों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले भवनों की तत्काल जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन्हें सील करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्य निकेतन हादसे के मामले में भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सत्य निकेतन और आसपास के क्षेत्रों में स्थित पीजी, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य भवनों की भी सघन जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि किसी भवन में निर्माण नियमों, सुरक्षा मानकों या अन्य निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीलिंग सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में नगर निगम (एमसीडी) के किसी अधिकारी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। घटना के बाद से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल और आसपास के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। हादसे के बाद सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों से दिल्ली में भवनों की सुरक्षा और निर्माण मानकों के पालन को लेकर व्यापक जांच की उम्मीद है।