नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी हॉस्टल की इमारत ढहने की घटना पर बांग्लादेश उच्चायोग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। हादसे में छह लोगों की मौत और छह अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। उच्चायोग ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह सत्य निकेतन में हुई इस दुखद घटना से स्तब्ध है। उच्चायोग ने मृतकों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही मलबे में फंसे लोगों और हादसे में प्रभावित सभी लोगों के लिए प्रार्थना की। उच्चायोग ने संकट की इस घड़ी में प्रभावित महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
यह हादसा छह सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके में स्थित ‘हॉस्टल डेज’ नामक करीब 40-50 वर्ष पुरानी पांच मंजिला इमारत में हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भवन के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान बेसमेंट में पानी जमा होने और पुरानी संरचना पर चल रहे कार्य के बीच इमारत की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
इमारत गिरने के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका से मौके पर बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। शुरुआती रिपोर्टों में 15 से 50 लोगों के फंसे होने की संभावना जताई गई थी। बचाव दलों ने अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। इनमें छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह अन्य को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत विभिन्न एजेंसियां घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश लगातार जारी है।
पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक के खिलाफ कथित लापरवाही के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही हादसे की वजह और निर्माण एवं मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है।