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पंजाब सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्वनी मिश्रा ने संभाला हाई कोर्ट का पद

चंडीगढ़। पंजाब सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के 37वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल लिया। पंजाब लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा से पहले जस्टिस शील नागू पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। जून 2026 में जस्टिस शील नागू को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के बाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर नई नियुक्ति की गई।

हालांकि, जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा विरोध जताया था। सरकार ने रविवार को आपात बैठक बुलाकर नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। पंजाब सरकार का कहना था कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार की राय नहीं ली गई और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया गया। सरकार ने इसी आधार पर शपथ ग्रहण समारोह को रोकने की मांग भी उठाई थी।

पंजाब सरकार के विरोध के कारण मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों ने समारोह का बहिष्कार किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के लिए मंच पर निर्धारित कुर्सी खाली रही। इसके बावजूद शपथ ग्रहण समारोह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुआ।

समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। खुफिया एजेंसियों से विरोध प्रदर्शन की आशंका संबंधी इनपुट मिलने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब लोक भवन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। कई मार्गों पर यातायात को डायवर्ट किया गया और लोक भवन की ओर जाने वाले वाहनों की गहन जांच की गई।

शपथ समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा समेत अन्य अधिकारियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। पंजाब सरकार के बायकॉट के बीच जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के शपथ लेने के साथ ही उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल ली।

 

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