देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोक भवन में आयोजित ‘शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार-2025’ सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सम्मानित शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवारने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्र के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानकर उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम या जानकारी उपलब्ध कराना नहीं है। विद्यार्थियों में सोचने, समझने, सवाल करने और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों में से 19 शिक्षकों का पुरस्कार के लिए चयन होना उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्य का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. रावत ने कहा कि शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार शिक्षकों के सेवाभाव और उत्कृष्ट योगदान को पहचान देने के साथ ही उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध साहित्यकार शैलेश मटियानी की प्रमुख कृतियों को प्रदेश के विद्यालयी पुस्तकालयों में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उत्तराखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सके।
उन्होंने कहा कि आज शिक्षक विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाना है। तकनीक व नवाचार के साथ शिक्षक की संवेदनशीलता का समन्वय भविष्य की शिक्षा को नई दिशा देगा।
प्रारंभिक शिक्षा श्रेणी में पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार समेत विभिन्न जिलों के 12 शिक्षकों को, माध्यमिक शिक्षा में छह शिक्षकों को और प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी में डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए श्रीमती मंजूबाला को विशेष सम्मान दिया गया।