ऑपरेशन सद्भावना के तहत राष्ट्रीय एकता यात्रा पर उत्तराखंड पहुंचे लेह-लद्दाख के छात्र-छात्राओं ने शनिवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से मुलाकात की। यह राष्ट्रीय एकता यात्रा 129 सत रेजीमेंट, धनुर्धारी आर्टिलरी ब्रिगेड द्वारा फायर एंड फ्यूरी कोर के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति, संस्थानों और जीवनशैली से परिचित कराना है।
इस दौरान विद्यार्थियों को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करने और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों से संवाद करने का अवसर मिलेगा।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता यात्रा महज पर्यटन या विभिन्न स्थानों को देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत को करीब से जानने, समझने और देश की विविधता से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि लद्दाख, उत्तराखंड और देश के अन्य राज्यों की भाषा, खान-पान और संस्कृति भले ही अलग हों, लेकिन तिरंगा और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना सभी को एक सूत्र में बांधती है।
उन्होंने छात्रों से यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों से मिलने, उनकी संस्कृति और जीवनशैली को समझने तथा अपने अनुभवों को लेह लौटकर परिवार, मित्रों और विद्यालय के साथ साझा करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी इस यात्रा से राष्ट्रीय एकता के दूत बनकर लौटें।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत, अनुशासन व दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जन्मस्थान व्यक्ति को पहचान और जड़ें देता है, लेकिन उसकी संभावनाओं की सीमा तय नहीं करता। लद्दाख के कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले पर्वतीय क्षेत्र से दृढ़ता और संघर्ष की सीख ली जा सकती है।
उन्होंने कहा कि असफलता को जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत और आगे बढ़ने का अवसर समझना चाहिए। शिक्षा, आत्मविश्वास और साहस के बल पर विद्यार्थी देश और समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र-निर्माता होंगे। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल कुमार, छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे।