बेंगलुरु। नेपाल में लापता कर्नाटकवासियों की पहचान की प्रक्रिया को तेज करने के लिए बेंगलुरु के बॉरिंग एवं लेडी कर्जन अस्पताल को डीएनए प्रोफाइलिंग का नोडल केंद्र बनाया गया है। ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के मुख्य आयुक्त ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
जीबीए के मुताबिक, नेपाल में लापता कर्नाटक के नागरिकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रथम श्रेणी के परिजनों के डीएनए नमूने लिए जाएंगे। इसके लिए लापता व्यक्ति के माता-पिता, बेटे या बेटी के नमूने लिए जा सकते हैं। इन नमूनों का इस्तेमाल आवश्यकतानुसार पहचान प्रक्रिया में किया जाएगा।
प्राधिकरण ने डीएनए सैंपल देने वाले परिजनों से जरूरी दस्तावेज साथ लाने की अपील की है। परिजनों को हाल का पासपोर्ट आकार का फोटो, आधार कार्ड अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र और लापता व्यक्ति के साथ संबंध प्रमाणित करने वाले आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
अस्पताल के विधि-विज्ञान चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. नागेश कुप्पस्त को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनसे 9742707500 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं, रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी डॉ. वादिराज बी. पोक्कन से 9448408640 पर जानकारी ली जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य नेपाल में लापता लोगों की पहचान के साथ-साथ यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि होती है तो उसके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में भी सहायता उपलब्ध कराना है। डीएनए प्रोफाइलिंग के जरिए पहचान की पुष्टि होने पर संबंधित परिवारों को आगे की आवश्यक कार्रवाई में मदद मिल सकेगी।
जीबीए ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित दस्तावेजों के साथ अस्पताल में संपर्क करें और प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी जानकारी या मार्गदर्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 1533 पर संपर्क करें।