CGPSC भर्ती घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 30 लोगों को पूछताछ का नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। कथित मनी लॉन्ड्रिंग और ‘कैश सिंडिकेट’ की जांच के सिलसिले में एजेंसी ने करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के अलावा स्थानीय कारोबारी, प्रॉपर्टी डीलर, NGO, बड़ी कंपनी और रिसॉर्ट संचालकों से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं।

यह कार्रवाई मुख्य आरोपित और कथित बिचौलिए उत्कर्ष चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई है। ईडी ने उसे एक सितंबर को गिरफ्तार किया था। उस पर अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने और परीक्षा में मदद के नाम पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने तथा राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप है। पांच सितंबर तक वह ईडी की कस्टोडियल रिमांड पर है। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर जांच एजेंसी ने अब कई अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में लिया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 परीक्षा में सफलता दिलाने का दावा कर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये वसूले। ईडी के अनुसार, इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपये महासमुंद के अनिल चंद्राकर तक पहुंचाए गए। एजेंसी अनिल चंद्राकर को कथित मनी ट्रेल की अहम कड़ी मानकर जांच कर रही है।

ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम को किन माध्यमों से आगे भेजा गया। बैंकिंग चैनल, CSR फंड और संदिग्ध कंपनियों के जरिए धन के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। NGO और रिसॉर्ट संचालकों से जुड़े वित्तीय लेन-देन भी एजेंसी के रडार पर हैं।

इससे पहले एक सितंबर को रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर में पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान डिजिटल उपकरणों, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी। फिलहाल ईडी कथित कैश सिंडिकेट में रकम के स्रोत, वितरण और लाभार्थियों के बीच संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

 

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