एशियाई खेलों में पहली बार पदक का सपना, मीराबाई चानू तैयार

नई दिल्ली। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू आगामी एशियाई खेलों में अपने पदक के सूखे को खत्म करने के इरादे से उतरेंगी। आइची-नागोया, जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों के लिए चानू को पांच सदस्यीय भारतीय भारोत्तोलन टीम में शामिल किया गया है। वह महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में भारत की प्रमुख पदक दावेदारों में होंगी। (The Times of India)

ओलंपिक पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार रिकॉर्ड रखने वाली चानू के करियर में एशियाई खेलों का पदक अब भी एक कमी है। 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में वह पदक के बेहद करीब पहुंची थीं, लेकिन उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इस बार उनका लक्ष्य इस कमी को पूरा करना है। एशियाई खेलों में पदक जीतने पर उनके प्रमुख बहु-खेल आयोजनों के पदकों का संग्रह भी पूरा हो जाएगा। (The Times of India)

चानू ने एशियाई खेलों के पदक को अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उनका फोकस उस मंच पर सफलता हासिल करने पर है, जहां वह अब तक पदक नहीं जीत सकी हैं। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वह अब एशियाई चुनौती के लिए तैयारी कर रही हैं। (NDTV Sports)

भारत की भारोत्तोलन टीम में चानू के अलावा महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव, 61 किलोग्राम में सेराम निरुपमा देवी और 69 किलोग्राम में हरजिंदर कौर शामिल हैं। पुरुष वर्ग में ऋषिकांता सिंह चनमबम 60 किलोग्राम में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। (India Today)

भारोत्तोलन स्पर्धाएं 22 से 28 सितंबर तक टोकाई सिटीजन्स जिम्नेजियम में आयोजित होंगी। पांच सदस्यीय टीम में शामिल खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीद है। टीम के कई खिलाड़ी हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के आधार पर मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

मीराबाई चानू के लिए यह एशियाई खेल खास महत्व रखते हैं। अब देखना होगा कि वह अपने अनुभव, फिटनेस और हालिया फॉर्म के दम पर पहली बार एशियाई खेलों का पदक अपने नाम कर पाती हैं या नहीं।

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