हरिद्वार/नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को देश की मौजूदा जरूरत बताते हुए इसके पक्ष में जनजागरण का आह्वान किया है। हरिद्वार स्थित प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में संत समागम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश की विकास गति और जनसेवा को प्रभावित कर रहे हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की बचत हो सकती है। उनका कहना था कि लगातार चुनाव होने से प्रशासनिक मशीनरी लंबे समय तक चुनावी तैयारियों में व्यस्त रहती है, जिसका असर विकास कार्यों पर पड़ता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनावों के दौरान स्कूलों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी विभिन्न जिम्मेदारियों में लगाए जाते हैं, जिससे कई जगहों पर सामान्य कामकाज प्रभावित होता है। यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं तो प्रशासनिक ऊर्जा को विकास और जनकल्याण के कार्यों पर अधिक प्रभावी ढंग से लगाया जा सकता है।
चौहान ने इस मुद्दे पर संत समाज से भी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतों की समाज में व्यापक पहुंच और उनके अनुयायियों पर प्रभाव को देखते हुए वे अपने प्रवचनों के माध्यम से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर लोगों के बीच जागरूकता पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह विषय किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों और प्रस्तावित विधायी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का हित सबसे ऊपर है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाता है तो इससे देश के संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और विकास की गति को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने संत समाज से इस संवैधानिक बदलाव के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सहयोग देने का आग्रह किया।