नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी रहेगी। इसी बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों और समारोह में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। 15 अगस्त को दिल्ली मेट्रो की पहली ट्रेन सुबह 4 बजे अपने टर्मिनल स्टेशनों से रवाना होगी।
डीएमआरसी के इस विशेष इंतजाम से लाल किले और आसपास के इलाकों में सुबह जल्दी पहुंचने वाले यात्रियों को सड़क पर लगने वाले प्रतिबंध और रूट डायवर्जन से राहत मिल सकती है। आम दिनों में मेट्रो सेवा शुरू होने के मुकाबले स्वतंत्रता दिवस पर परिचालन काफी पहले शुरू किया जाएगा।
डीएमआरसी के मुताबिक, 15 अगस्त की सुबह सभी लाइनों के टर्मिनल स्टेशनों से पहली मेट्रो सुबह 4 बजे चलेगी। इसके बाद सुबह 4 बजे से नियमित सेवा शुरू होने तक, यानी करीब 6 बजे तक, सभी कॉरिडोर पर ट्रेनें 30 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी। सुबह 6 बजे के बाद मेट्रो का संचालन सामान्य समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा।
लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में बड़ी संख्या में मेहमानों और आम लोगों के पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय की ओर से समारोह में आमंत्रित विशेष मेहमानों के लिए करीब 1.30 लाख क्यूआर टिकट जारी किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले और पुरानी दिल्ली के आसपास कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू रहेंगे। कुछ मार्गों पर केवल अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसे में निजी वाहनों से आने वाले लोगों को पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मेट्रो की अतिरिक्त सुबह की सेवा से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। जल्दी सेवा शुरू होने से समारोह में जाने वाले लोग समय रहते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। डीएमआरसी का यह कदम स्वतंत्रता दिवस के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।