‘तीन बार जनता ने नकारा’—राहुल गांधी पर क्यों भड़के अनुराग ठाकुर?

नई दिल्ली। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भाषा, उनके रवैये और सदन में उनकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक बहस के दौरान भाषा की मर्यादा और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक राजनीति की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस और राहुल गांधी को लगातार तीन बार नकार चुकी है और अब पार्टी गाली-गलौज की राजनीति पर उतर आई है। ठाकुर ने राहुल गांधी की भाषा को अमर्यादित और अहंकार से भरी बताते हुए कहा कि उनके बयानों से कांग्रेस की राजनीतिक सोच सामने आती है।

भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर महिला विरोधी होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे और एक विदेशी महिला को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक संस्कारों पर सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से जिम्मेदार और सम्मानजनक भाषा की अपेक्षा की जाती है।

अनुराग ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी की भूमिका पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन और सड़क, दोनों जगह प्रभावी भूमिका निभाने में विफल रहे हैं। उनके मुताबिक, संसद में कई बार चर्चा बाधित हुई और जब महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिला, तब भी राहुल गांधी की ओर से ठोस सुझाव सामने नहीं आए।

उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी दूसरों के लिए अलग राजनीतिक मानदंड तय करती है, जबकि अपने नेताओं के बयानों और आचरण को लेकर अलग रवैया अपनाती है। ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पदों, संस्थाओं और राजनीतिक विरोधियों के प्रति सम्मान बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

 

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