देहरादून। उत्तराखंड में बागवानी और किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति को लेकर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सर्किट हाउस स्थित औद्यानिक परिषद सभागार में आयोजित बैठक में पॉलीहाउस, एप्पल मिशन और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य उद्यान अधिकारी और विभागीय अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जिलेवार प्रगति का प्रस्तुतीकरण दिया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेब की अति सघन बागवानी मिशन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रत्येक जिले में चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने विशेष रूप से सेब उत्पादक किसानों के लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के बकाया भुगतान का शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को कहा।
गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां कई तरह की फल फसलों के लिए अनुकूल हैं। प्रदेश में कीवी और ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन की भी काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को इन फसलों की खेती से जोड़ने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में पॉलीहाउस योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि किसानों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय और भौतिक लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा जहां भी कार्यों में देरी हो रही है, वहां तेजी लाई जाए। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि बागवानी क्षेत्र को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक, विविधीकृत फसलों और योजनाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दे रही है।