गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति में मंगलवार को कुछ सुधार दर्ज किया गया, लेकिन आपदा का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पिछले 24 घंटे में दो और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। हालांकि, प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या में कमी आई है। राज्य में अब पांच जिलों के करीब 1.22 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से मंगलवार शाम जारी दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में शिवसागर और गोलाघाट जिले में एक-एक व्यक्ति की बाढ़ के कारण मौत हुई। इसके साथ ही इस साल बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 89 तक पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित है, जहां करीब 60 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। इसके बाद चराइदेव में लगभग 31 हजार और जोरहाट में करीब 20 हजार लोग प्रभावित हैं।
हालांकि, सोमवार की तुलना में स्थिति में सुधार हुआ है। सोमवार को छह जिलों में 1.28 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे। प्रशासन की ओर से चार जिलों में 55 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में फिलहाल 17,857 प्रभावित लोगों को आश्रय और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री भी लगातार पहुंचाई जा रही है। पिछले 24 घंटे में 99.63 क्विंटल चावल, 18.47 क्विंटल दाल, 6.24 क्विंटल नमक और 608.83 लीटर सरसों तेल वितरित किया गया।
प्राधिकरण के मुताबिक, राज्य के 365 गांव अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। वहीं, 15,342.92 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी से कई इलाकों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए हैं।
फिलहाल धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण राज्यभर में 26,575 घरेलू पशु और मुर्गियां भी प्रभावित हुई हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।