कोच्चि। ओणम के खास मौके पर केरल के कोच्चि स्थित फोरम मॉल में परंपरा, कला और रचनात्मकता का ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहां 2,100 से अधिक सिल्क और कांचीपुरम सिल्क साड़ियों का इस्तेमाल कर दुनिया की सबसे बड़ी साड़ी पूक्कलम तैयार की गई। करीब 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बनाई गई इस विशाल कलाकृति को यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम (यूआरएफ) ने विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है।
आमतौर पर ओणम के दौरान घरों और सार्वजनिक स्थानों पर फूलों से पूक्कलम यानी रंगोली सजाई जाती है। लेकिन इस आयोजन में पारंपरिक फूलों की जगह अलग-अलग रंगों और डिजाइनों वाली साड़ियों को इस्तेमाल कर एक बेहद आकर्षक कलाकृति तैयार की गई। आयोजकों के अनुसार, इस पूक्कलम में करीब 5,000 रंगों और डिजाइनों वाली साड़ियों को शामिल किया गया, जिसने इसे अपने आप में अनूठा बना दिया।
इस विशेष आयोजन को थोडुपुझा स्थित एक प्रसिद्ध ब्रांड कलेक्शंस की ओर से आयोजित किया गया। इसके लिए मशहूर कलाकार दा विंची सुरेश और उनकी रचनात्मक टीम ने विशेष डिजाइन तैयार किया। टीम ने साड़ियों के रंग, पैटर्न और डिजाइन को इस तरह व्यवस्थित किया कि पूरी कलाकृति पारंपरिक पूक्कलम की खूबसूरती के साथ आधुनिक कला का भी अहसास कराए।
फोरम मॉल में इस अनोखी साड़ी पूक्कलम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने इस विशाल कलाकृति की तस्वीरें लीं और आयोजन की जमकर सराहना की। खास बात यह रही कि इसमें भारतीय वस्त्र परंपरा और केरल की ओणम संस्कृति को एक साथ प्रस्तुत किया गया।
आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, हथकरघा एवं वस्त्र कला और रचनात्मकता को नए रूप में सामने लाने का प्रयास है। साड़ियों से तैयार की गई यह विशाल पूक्कलम ओणम उत्सव के दौरान आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही।