छात्रों को माफी देने पर राहुल गांधी का मोदी पर बड़ा हमला

नई दिल्ली,  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन और उन्हें माफ करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे छात्रों को माफ करने की बात देश के बहुलतावादी और विविधतापूर्ण स्वरूप के विपरीत है।

राहुल गांधी मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको के संसदीय भाषणों के संकलन ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एमए बेबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।

राहुल गांधी ने कहा कि देश इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां छात्र निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री की ओर से छात्रों को माफ करने की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को माफ करने वाले प्रधानमंत्री कौन होते हैं और उन्हें यह अधिकार किसने दिया कि वे भारत के भविष्य को माफ करें।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों की सोच के पीछे एक ऐसी विचारधारा काम कर रही है, जो देश की विविधता और बहुलतावादी स्वरूप के अनुकूल नहीं है। उनके मुताबिक भारत की ताकत उसकी विविधता, अलग-अलग विचारों और लोकतांत्रिक अधिकारों में है।

राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के सवालों का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद विपक्षी नेताओं ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस दौरान वाइको के संसदीय योगदान और उनके भाषणों के संकलन पर चर्चा हुई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.