देहरादून। (Rain wreaks havoc in Uttarakhand; Char Dham Yatra suspended; find out why the next 48 hours are crucial}उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा, भूस्खलन और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को 28 और 29 जुलाई के लिए स्थगित कर दिया है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि तक यात्रा पर न निकलें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार राज्य में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना जताई है। 29 जुलाई को भी उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में मौसम का यही रुख बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के बाधित होने, नदियों और गदेरों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी तथा निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही करने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान देहरादून जिले का मालदेवता सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 233 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हाथीबड़कला में 194.5 मिमी, जौलीग्रांट में 172.2 मिमी, मसूरी में 163 मिमी, ऊखीमठ में 120 मिमी, डीडीहाट में 102 मिमी, मोहकमपुर में 95.8 मिमी, धनोल्टी में 88 मिमी, हल्द्वानी और थल में 83-83 मिमी, चमोली में 80.6 मिमी, तेजम में 73 मिमी, बेरीनाग में 72 मिमी, कीर्तिनगर में 70 मिमी और नरेंद्रनगर में 63 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
भारी बारिश का असर राजधानी देहरादून में भी देखने को मिला। नंदा की चौकी के पास पुलिया का ढांचा सुरक्षित है, लेकिन एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह जाने से सड़क का एक हिस्सा धंस गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तीन घंटे के भीतर मार्ग बहाल करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मालदेवता, सोडा सरौली और सहस्त्रधारा क्षेत्रों का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त सड़कों, सुरक्षा दीवारों और अन्य प्रभावित स्थानों पर राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राज्य प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। आपदा प्रबंधन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।