नई दिल्ली। पंजाब में कथित पेपर लीक मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने संसद परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा किया। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए।
भाजपा सांसदों का आरोप है कि पंजाब में विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना है कि बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से छात्रों का सरकारी भर्ती और परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि कथित पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की गई।
भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीदों का सवाल है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य और राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।
संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के बाद पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया और इस पूरे मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।