उत्तराखण्ड में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की निगरानी में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) 24 घंटे सक्रिय रहकर मौसम और आपदा संबंधी परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) कंट्रोल रूम के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाली शिकायतों और आपदा संबंधी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई कर रही है। भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है।
जनता की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0135-2626066, 0135-2726066, टोल फ्री 1077 तथा व्हाट्सएप नंबर 7534826066 जारी किए हैं। इन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही तहसील स्तर पर संचालित हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भी लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मानसून के दौरान लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं। प्रशासन के अनुसार, 15 जून से अब तक 60 से अधिक शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज की गईं, जिनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जा चुका है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी नागरिक को आपदा के समय अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन और जिलाधिकारी के नेतृत्व में सभी विभागों एवं नगर निकायों के अधिकारियों के साथ पहले ही समीक्षा बैठकें की जा चुकी हैं। रेड अलर्ट की स्थिति में क्यूआरटी टीम तुरंत सक्रिय होकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करती है। उन्होंने बताया कि आपदा कंट्रोल रूम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभारी बनाकर तैनात किया गया है, ताकि विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।