राज्यपाल से मिले संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षा और शोध पर हुई अहम चर्चा

  उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से बुधवार को राजभवन स्थित लोक भवन में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, शोध कार्यों, नवाचार परियोजनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की वर्तमान उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध कार्यक्रम संचालित कर रहा है। साथ ही शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नई पहल भी की जा रही हैं।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत भाषा देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को संस्कृत अध्ययन, शोध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी कार्य करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिक तकनीक और शोध आधारित शिक्षा के माध्यम से संस्कृत को नई पीढ़ी से जोड़ने के प्रयास किए जाएं, ताकि इसकी उपयोगिता और स्वीकार्यता और अधिक बढ़ सके।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़े विषयों पर नवाचार आधारित अध्ययन को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।

बैठक में विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं, शैक्षणिक विस्तार और संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित रहीं।

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