प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं को देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ वकीलों से अपील की कि वे इस तरह के मामलों में आगे आकर दोषियों को सख्त कानूनी सजा दिलाने में सहयोग करें, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का अपराध करने की हिम्मत न जुटा सके।
एनडीए के ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के संदेश की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना है। इसी सोच के तहत नीट परीक्षा दोबारा कराई गई और उसका परिणाम भी बिना अनावश्यक देरी के जारी किया गया, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो। रिजिजू ने बताया कि अब तक पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक किसी एक राज्य या सरकार तक सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी राज्यों और राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस अपराध के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दोषियों को ऐसी सजा मिले, जो भविष्य के लिए कड़ा संदेश बने।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार केवल पेपर लीक रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का उल्लेख किया।
बैठक में प्रधानमंत्री ने हाल के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को किसानों और देश के हित में महत्वपूर्ण बताया। साथ ही आगामी संसद के मानसून सत्र को लेकर एनडीए सांसदों से सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विपक्ष से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद देश और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करने का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है।