चारधाम यात्रा अचानक क्यों रोकी गई?

 

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी और यात्रा मार्गों पर लगातार हो रहे भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए। साथ ही मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए। उन्होंने मीडिया और प्रशासनिक तंत्र को भी निर्देशित किया कि यात्रियों तक केवल प्रमाणिक और आधिकारिक जानकारी ही पहुंचाई जाए, ताकि अफवाहों और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम और यात्रा से संबंधित अपडेट केवल सरकारी स्रोतों से ही प्राप्त करें तथा जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला पूरी तरह एहतियाती है और हालात सामान्य होते ही चारधाम यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी।

इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं अन्य जिलों में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर जारी रहने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। शामा में 220 मिमी, कपकोट में 97 मिमी, बंगापानी में 92 मिमी और लोहारखेत में 91 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं स्वचालित मौसम केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार पोखरी और डीडीहाट में 109-109 मिमी, किच्छा में 108 मिमी तथा मालदेवता में 103.5 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।

 

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