बांग्लादेश में बाढ़ से हाहाकार, 51 मौतें; 10 लाख से ज्यादा लोग संकट में

ढाका: बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवार अब भी जलभराव वाले इलाकों में फंसे हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार चट्टोग्राम, कॉक्स बाजार, बांदरबन, रंगामाटी, खगराछड़ी, मौलवीबाजार और हबीगंज जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अब तक करीब 2.68 लाख परिवार बाढ़ की चपेट में आए हैं। वहीं, लगभग 50 हजार लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

सबसे अधिक नुकसान कॉक्स बाजार जिले में हुआ है, जहां अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है। यह इलाका 10 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों का भी प्रमुख आश्रय स्थल है। हाल ही में हुए भूस्खलन में एक दर्जन से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत के बाद प्रशासन ने लाउडस्पीकर और स्वयंसेवकों की मदद से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्री इकबाल हुसैन ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, पीने का साफ पानी और जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। सेना और नौसेना की टीमें नावों के जरिए दूरदराज के इलाकों तक खाद्य सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचा रही हैं।

हालांकि बिजली आपूर्ति ठप होने, कई सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने तथा संचार व्यवस्था बाधित होने से राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों के सामने भोजन और स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार चिउड़ा, मुरमुरा, बिस्कुट और अन्य सूखे खाद्य पदार्थों के सहारे गुजारा कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी बारिश में आंशिक कमी आने की संभावना जताई है, लेकिन कई क्षेत्रों में वर्षा जारी रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता लगातार बढ़ रही है, जिससे भविष्य में भी ऐसे खतरे बने रह सकते हैं।

 

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