देहरादून में बनेगा रणनीतिक चिंतन का नया केंद्र! जानिए क्या है ‘भीष्म’ थिंक टैंक

उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में स्थापित भारत हिमालयन इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक मंच (भीष्म) देश की रणनीतिक सोच और नीति निर्माण को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य परंपराओं वाले राज्य में इस तरह के थिंक टैंक की स्थापना राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक शोध के लिए बेहद अहम पहल है।

रविवार को मंत्री गणेश जोशी के शासकीय आवास पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक चुनौतियों और विभिन्न रणनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने मंत्री को अपनी पुस्तक ‘साहस की गूंज’ भी भेंट की।

बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने ‘भीष्म’ थिंक टैंक की अवधारणा, उद्देश्य और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मंच का उद्देश्य देहरादून में उपलब्ध सैन्य, शैक्षणिक और बौद्धिक संसाधनों को एक मंच पर लाकर उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक चिंतन एवं नीति विमर्श का प्रमुख केंद्र बनाना है।

उन्होंने बताया कि इस मंच के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े सामरिक विषयों और वैश्विक चुनौतियों पर शोध, अध्ययन और गंभीर विमर्श को बढ़ावा दिया जाएगा। ‘भीष्म’ की संस्थापक टीम का नेतृत्व पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान कर रहे हैं, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह भी इसकी प्रमुख टीम का हिस्सा हैं।

गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड देश को बड़ी संख्या में सैनिक और सैन्य अधिकारी देने वाला राज्य है। ऐसे में यह मंच युवाओं, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं के लिए भी एक प्रभावी बौद्धिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से ‘भीष्म’ भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा।

 

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