उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने रविवार को नई ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (VBGRAAMJI) योजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के सभी प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन कर इसे पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुख तरीके से राज्यभर में लागू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि 2 जुलाई 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस नई ग्रामीण रोजगार और आजीविका योजना की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भरत सिंह चौधरी ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, आधारभूत सुविधाओं का विकास और जनभागीदारी को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के तहत श्रमिकों को साल में 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन नई योजना के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन का मानदेय देने का भी प्रावधान किया गया है। मंत्री के अनुसार, इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों का चहुंमुखी विकास होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन जैसी गंभीर समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। बैठक में योजना की कार्यान्वयन रणनीति और विभागीय तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।