शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों की मुख्यमंत्री से बड़ी मांग, हर स्कूल में पीटी शिक्षक नियुक्त करने की उठी आवाज

उत्तराखंड के बीपीएड और एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति की मांग उठाई। प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) में शारीरिक शिक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, इसलिए प्राथमिक विद्यालय से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक प्रत्येक स्कूल में एक-एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बेरोजगार शारीरिक प्रशिक्षितों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न मांगें रखते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक की नियुक्ति से संबंधित शासन स्तर पर लंबित फाइल संख्या 77006 को वित्त विभाग से शीघ्र स्वीकृति दिलाकर कैबिनेट में प्रस्तुत करने की मांग की।

अभ्यर्थियों का कहना है कि शारीरिक शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई शिक्षा नीति में भी खेल और फिटनेस को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग बनाया गया है। ऐसे में बिना प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षकों के इस नीति का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं होगा।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि उत्तराखंड के बीपीएड और एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों को भर्ती में आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की जाए, ताकि लंबे समय से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। इसके अलावा शारीरिक शिक्षा विषय के लिए व्यायाम प्रवक्ता के पदों का सृजन कर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की भी मांग रखी गई।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इन विषयों पर सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय लेकर नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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